Prostate Plus Best for Prostate Patient

sudarshan prostate plus 

पुरुषों के लिए प्रोस्टेलट को स्व्स्थ‍ रखने के 5 टिप्से नियमित पीएसए जांच समय-समय पर पीएसए जांच कराना बहुत अच्छा् तरीका है। यदि प्रोस्टेसट कैंसर का पता शुरूआती अवस्थाय में हो जाये तो इसका उपचार आसानी से हो सकता है। इसके लिए नियमित पीएसए ब्ल‍ड टेस्ट करायें। 1990 के दशक में शुरू हुई जांच की इस प्रक्रिया के बाद से प्रोस्टेट कैंसर के कारण होने वाली मौतों की संख्याे कम हुई। अगर प्रोस्टेपट ग्रंथि में असामान्य् वृद्धि या संक्रमण हो तो पीएसए जांच करायें। परिणाम पॉजिटिव आने पर चिकित्सयक प्रोस्टेट की बॉयोप्सी की अनुशंसा करते हैं। खानपान में ध्यालन रखें आहार के कारण भी प्रोस्टेट की समस्या हो सकती है, इसलिए खानपान पर विशेष ध्यान दें। बहुत अधिक रेड या नॉनऑर्गेनिक मांस खाने से बचें। कैल्सियम के पूरक आहार भी न लें, इसके अलावा अधिक तला हुआ न खायें।

बाजार में डिब्बापबंद आहार खाने से परहेज करें, क्योंबकि टीन के डब्बेक की परत में एक सिंथेटिक एस्ट्रोंजन बीस्फेहनॉल-ए (बीपीए) पाया जाता है जो प्रोस्टेंट के लिए नुकसानदेह है। कैफीन और शराब बहुत अधिक कैफीन और शराब का सेवन करने से प्रोस्टे ट ग्रंथि को नुकसान होता है। दरअसल कैफीन के सेवन से ब्लैसडर में जलन होती है, और यह प्रोस्टेट की स्थिति को बिगाड़ सकता है। शराब के अधिक सेवन से पेशाब का उत्पादन अधिक होता है और यूरीन डिस्चार्ज करते वक्ते जलन भी होती है।

शराब पीने से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ अंदर जाता है और इसके कारण संवेदनशील प्रोस्टेट पर दबाव बनता है। ऐसे जगह से बचाव करें कई ऐसे जगह हैं जहां जाना आपके प्रोस्टेेट के लिए खतरनाक हो सकता है। कारखानों से निकलने वाले केमिकल और टॉक्सिंस प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। एन्वाेयर्नमेंटल कैंसर रिस्क की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ कि, ऐसी जगह रहने वालों को प्रोस्टेनट कैंसर का खतरा अधिक होता है। इसलिए ऐसी जगह जाने से बचें जहां के वातावरण में केमिकल हो। व्यावयाम बहुत जरूरी नियमि व्यांयाम करने से आप फिट रहते हैं साथ ही कई खतरनाक बीमारियों से बचाव भी होता है, उसमें से एक है प्रोस्टेट कैंसर। एक्सबरसाइज करने से प्रोस्टेट स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव होता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया, सेन फ्रांसिस्को द्वारा कराये गए एक शोध में यह पता चला कि अधिक व्यायाम करने से प्रोस्टेट कैंसर को बढ़ने को रोका जा सकता है। दूसरे रिसर्च से पता चला है कि शारीरिक गतिविधि से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा 19 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इसके आलावा यदि आपको प्रोस्टे्ट कैंसर है तो व्या1याम करने से उसके उपचार में भी फायदा होता है। प्रोस्टेाट कैंसर की जानकारी होने पर इसके उपचार के लिए, सर्जरी, कीमोग्रॉफी और हामोनल थेरेपी का सहारा लिया जाता है। प्रोस्टेोट ग्रंथि को स्वएस्थव रखने के स्वेस्थफ दिनचर्या का पालन करें।

This entry was posted in Ayurveda On .

Comments

    There are no comments under this post.

Leave A reply